बोलें राहुल,हंसें लोग


-राजेश बैरागी-
दिल्ली चुनाव में सबकुछ ठीक चल रहा है। भाजपा और आप स्वाभाविक रूप से एक दूसरे पर हमलावर हैं। उन्हें होना भी चाहिए। इश्क और जंग में 'जायज़ क्या है' इस झमेले में पड़ना राजनीतिक दलों का काम नहीं है। कांग्रेस आश्चर्यजनक रूप से मौन थी। उसकी चुप्पी उसकी हताशा का संकेत दे रही थी। ऐसे निराशाजनक माहौल में एक नेता का क्या कर्तव्य है। राहुल आज अपने उसी कर्तव्य को निभाने दिल्ली के मैदान में कूद पड़े। उन्होंने लोगों से कहा,-मैं झूठ नहीं बोलता।' मैंने महसूस किया लोग सन्न रह गए। उन्हें राहुल के नेता होने पर पहले भी संदेह था, उनके इस बयान से बात पक्की हो गई। यदि वह झूठ नहीं बोलते तो नेता कैसे हुए। हालांकि यह सच नहीं है। राहुल नेता हैं।वह झूठ भी बोलते हैं। झूठ बोलने के लिए वह माफी भी मांगते हैं। सुप्रीम कोर्ट तक गवाह है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर युवाओं को देशभक्ति सिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा,-इस देश का हर आदमी देशभक्त है।तब तो मोदी और केजरीवाल भी देशभक्त हुए। राहुल मगर ऐसा नहीं मानते।(नेक दृष्टि हिंदी साप्ताहिक नौएडा)